- जबकि हर दो साल बाद व्यवस्थापन समिति का गठन किया जाना जरूरी है वह भी स्कूल शुरू होते ही तीन माह भीतर
- कुरुम के धाबेकर उर्दू हाईस्कूल का मनमाना कारोबार
- अध्यक्ष पद पर सुनील धाबेकर तथा उपाध्यक्ष पद पर शफ़ी खान
शफ़ी खान
कुरुम :- मूर्तिज़ापुर तहसील के स्थानीय कुरुम परिसर में कल दि.31 दिसम्बर 2018 को धाबेकर उर्दू हाइस्कूल में व्यवस्थापन समिति की कार्यकारणी गठित की गई। जिसमें व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष पद के लिए मुख्याध्यापक के जोर लगाने पर स्कूल संचालक धाबेकर के बेटे सुनील धाबेकर को समिति का अध्यक्ष बनाया गया। जबकी उपाध्यक्ष पद पर पालक लोगोने शफ़ी खान को चुना।
बता दे कि जी.प.प्रायमरी शाला में कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक हर दो साल बाद व्यवस्थापन समिति का गठन किया जाता है। वह भी स्कूल शुरू होते ही तीन माह के भीतर ही व्यवस्थापन समिति का गठन करना नियम से अनिवाह्य होता है। और अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष भी पालक लोगो मे से ही चुना जाता है । वह इसलिए कि शिक्षक अपनी मनमानी न चलाये। और छात्रों के पोषण आहार पर ध्यान रखने हेतु अध्यक्ष चुना जाता है।परंतु अनुदानवाले प्राइवेट संस्था में ऎसा नही है। इन संस्था में आखिर तक संचालक ही व्यवस्थापन समिति का अध्यक्ष बना रहता है। पालक लोगोंको अध्यक्ष चुनने का कोई अधिकार नही होता। केवल उपाध्यक्ष का ही चुनाव लिया जाता है। और सचिव पद पर ऑल रेडी मुख्याध्यापक ही होता है। ऐसा ही कुछ मामला धाबेकर उर्दू हाईस्कूल में देखने मिलता है। कई सालों से संचालक धाबेकर ही अध्यक्ष पद पर बने बैठे है। और पांच साल पूरे होने के बावजूद भी अब तक धाबेकर उर्दू हाईस्कूल के मुख्याध्यापक सईद खान ने व्यवस्थापन समिति की न्यू बॉडी नही गठित की थी। जबकी नियम से हर दो साल बाद जूनी बॉडी विड्रॉल करके नई बॉडी को स्थापति करना जरूरी होता है। और वह भी स्कूल शुरू होने के तीन माह भीतर व्यवस्थापन समिति गठित करना आवश्यक है। इस कारण यहां के पालक लोगों में कई दिनों से नाराजी का माहौल बना हुवा था।
ऎसे में कई बार पालक लोगो ने मुख्याध्यापक सईद खान से मिलकर नई व्यवस्थापन समिति गठित करने की बार बार विनंती भी की परन्तु मुख्याध्यापक के कान पर जु तक नही रेंग रही थी। जब पालक लोगो का मुख्याध्यापक सईद खान के खिलाफ गुस्सा फुटा तो तब कही जाकर मुख्याध्यापक को होश आया और 31 दिसम्बर 2018 को पूरे पांच साल बाद वह भी स्कूल शुरू होने के पांच महीने बाद नई व्यवस्थापन समिति का गठन किया गया। इस बार पालक मीटिंग में लोगो ने काफी शोर-शराबा किया और कहा कि पालक में से ही किसी एक को व्यवस्थापन समिति का अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष चुना जाये ऐसी डिमांड कर दी। परंतु ये नही हो पाया। और मुख्याध्यापक साहब तैशमें आकर पालक लोगो को ही खरी खोटी सुना दी। और अब की बार बाप की जगह बेटे सुनील धाबेकर को व्यवस्थापन समिति का अध्यक्ष बना दिया। तथा पालक लोगो उपाध्यक्ष पद के लिए शफ़ी खान को चुना। जब संचालक ही अध्यक्ष बने और मुख्यध्यापक सचिव रहे तो इनकी मनमानी की शिकायत ही किससे करे ऐसे कई सवाल पालक लोगो के मन मे उठ रहे है।
पालक मीटिंग में अलहज अ. नासिर भाई, शफ़ी खान, नूर खान,अ. नाज़िम, रईस खान, मजीत कुरेशी,अ. लतीफ एवं कई पालक लोग उपस्तित थे
