गड्ढो में मुरुम भरने से राहगीरों की जान खतरे में



  • कुरुम के खोसला कंपनी का मनमाना करोभार
  • कई बाइक सवार हुवे है घायल और एक कि हुई थी दर्दनाक मौत
  • मामला कुरुम से रेलवे स्टेशन मार्ग का
  • कई शिकायतें करने पर भी बाज़ नही आ रही खोसला कंपनी
  • संबंधित अधिकारीयो का भी नजर अंदाज



  • शफ़ी खान

कुरुम :-  मूर्तिज़ापुर तहसील अंतर्गत आनेवाले कुरुम ग्रा.प.परिसर में रेलवे स्टेशन मार्ग पर अकोला के नीरज खोसला नामक व्यक्ति का गिट्टी खदान का  बड़ा करोभार है। जिसकी गिट्टी रेल प्रशासन को बेची जाती है। यहा से करीब 5 की.मि.अंतर पर कुरुम रेलवे स्टेशन पडता है। खोसला कंपनी अपने जड़ वाहनों द्वारा रेल प्रशासन को गिट्टी पुराने का काम करता है। जिसके लिए कुरुम रेलवे स्टेशन गिट्टी जमा करने एक बड़ा डिपो बनाया गया है। आये दिन खोसला कंपनी भारी वाहनों में खदान से गिट्टी लादकर कुरुम रेलवे स्टेशन मार्ग से होकर डिपो में गिट्टी खाली करने का काम करती है। जिसके कारण इस मार्ग में बड़े बड़े गड्ढे गिरते है। और उस गड्ढो में खोसला कंपनी जाड़ा मुरुम डालकर गड्ढे बुजाने का काम करती है। जिस कारण इस मार्ग से गुजरनेवाले हर बाइक सवार को अपनी जान जोखिम में डालकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में कई बाइक सवार हार्ड मुरुम के कारण फिसल कर गिरते है। और अपनी जान गवां देते है या फिर अपाहिज होकर घर मे बैठते है।


             बता दे कि संन 2010 से लेकर आज तक करीब एक दर्ज़न से ज्यादा बाइक सवार ऎसे गड्ढो का शिकार होकर अपाइज हुए है। और सन 2014 मे अमरावती जिले के शिवनी निवासी 30 वर्षीय जवान भटकर  की रात 10 बजे घर जाते समय इसी मार्ग पर मुरुम के कारण बाइक फिसलने से घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। जिसका मर्ग कुरुम पोलिस चौकी में दाखल किया गया था। और पिछले जुलाई माह में ग्राम मधापुरी निवासी गजानन पाटिल 35 वर्ष भी ऎसे जाड़े मुरुम के कारण रात 8 बजे परिवार के साथ घर आते समय इसी मार्ग पर दुर्घटना ग्रस्त हुवे थे।


और गनीमत बच गए। उनको तथा उनके परिवार को काफी चोटें आई थी। इसकी शिकायत भी कुरुम निवासी संजय मडगे ने मूर्तिज़ापुर के तहसीलदार राहुल तायड़े से की थी। और लोगो के मन के समाधान के लिए स्पॉट पंचनामा करने नायाब तहसीलदार मिसाल को भेजा गया था। पर खोसला कंपनी पर किसी भी प्रकार की अब तक करवाई नही की गई है।और आज भी खोसला कंपनी बड़े बड़े गड्ढो में जाड़ा मुरुम ही डाल रही है। जिसके चलते बाइक सवार की जान खतरे में पड़ गई है। परंतु आज कुछ गांववासी मिलकर खोसला कंपनी को गड्ढो में मुरुम भरने से रोक दीया।और खोसला कंपनी सब अधिकारियों को अपने जेब मे रखने के कारण यहा अपना मनमाना करोभार चलाती है।

    कुरुम से रेलवे स्टेशन मार्ग ब्रिटिश कालीन होकर जिला परिषद में आता है। सन 2009 में प्रधान मंत्री सड़क योजना अंतर्गत डाबरिकरण किया गया था। इस मार्ग की क्षमता 8 टन 500 की.ग्रा.होने के बावजूद भी खोसला कंपनी करीब 25 टन जैसे भारी वाहन चलाते है। जिससे मार्ग में बड़े बड़े गड्ढे गिरते है। कई बार शिकायत भी की है परंतु करवाई शून्य है
 
संजय मडगे किसान कुरुम

हम क्यो गड्ढो को पैचेस मारे ये प्रशासन की जिम्मेदारी है। हम रोड टैक्स भरते है। प्रशासन को शिकायत करे। ये हमारे मालिक की मेहरबानी है जो गड्ढो को मुरुम डालकर पाटा जा रहा है।
   
महिंद्रा ठाकरे सुपरवाइजर
  खोसला कंपनी कुरुम


SHARE THIS

Author:

Previous Post
Next Post