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| खटिकपुरे के मुख्य रास्ते का हाल बे हाल |
- खटीकपूरे के मुख्य रास्ते का हाल बेहाल
- नागरिकों की जान खतरे में
- बारिश के कारण रास्ते पर जमा कीचड़
- लोगो की आवा जावी में बाधा बना रास्ते का कीचड़ व गंधा पानी
- कुरुम ग्राम पंचायत प्रशासन का नजर अंदाज
शफ़ी खान
कुरुम :- कुरुम ग्राम पंचायत अंतर्गत आनेवाले खटीकपूरा वार्ड क्र.3 के मुख्य रास्ते का इन दिनों हाल बेहाल हो ग़या है। बारिश के कारण रास्ते मे कीचड़ व गंधा पानी जमा हो गया है। जिसके कारण यहा से गुजरने वाले हर व्यक्ति को आये दिन अपनी जान मुट्ठी में लेकर चलना पड़ रहा है। ग्रीष्मकाल में ग्राम पंचायत द्वारा नालियो की सफाई न करने से बारिश में नालियो का गंधा पानी तथा कीचड़ रास्ते पर जमा होकर इस मोहल्ले में निवास कर रहे सभी नागरिकों को दुर्घटना के लिए जैसे आमंत्रित कर रहा हो। और ऐसी गंधगी के कारण यहां के लोगो का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है।
परंतु एक कुरुम ग्राम पंचायत है की, इस और नजर अंदाज करते आ रही है। खास बात यह भी है कि,ये मोहल्ला ग्रा.प. कार्यालय के बगल में ही आता है। फिर भी ना ही यहा कि सरपंच सौ. सविता दहिकर इधर ध्यान देती है और ना ही यहा के उप सरपंच सै.अल्ताफ हुसेन को ये मोहल्ला नजर आता है। और तो और यहा के बचे 13 मेम्बर इधर गलती से भी पलट कर नही देखते है। बस केवल मतदान आता है तभी ये सब वार्डो का निरीक्षण करने चले आते है। और भिकारी जैसा हात पैर जोड़कर वोट मांगते है। और कुरुम की भोली भाली जनता को मूर्ख बनाकर विकास का झआसा देकर अपने जाल में फसा कर जीत हासिल कर लेते है। इसी कारण 30 साल से यहा कॉंग्रेस पार्टी ही राज चलते आ रहा है। ऐसा आरोप वार्ड क्र 3 के नागरिक करते नजर आते है।
बता दे कि,मूर्तिज़ापुर तहसील में सबसे आखरी छोर पर तथा नेशनल हाइवे क्र 6 के करीब बसा हुवा 15 हजार आबादी वाला सबसे बड़ा गांव माना जाता है। कुरुम ग्राम पंचायत में 5 वार्डो का समावेश है। जिसमे 15 मेम्बर अपना प्रतिनिधित्व करते है। और ग्राम कुरुम कांग्रेस पार्टी का गढ़ माना जाता है। ग्रा.प.से लेकर प.स.एवं जि.प.भी इनके कब्जे रहती है। सभापती उप सभापती भी इनके ही होते है। फिर भी कुरुम का विकास अब तक शून्य ही है। गांव की एक भी सड़क ऐसी नहीं जहां से बिना धक्का खाये गुजरा जा सके ? एक भी मोहल्ला ऎसा ना हो जहां गंदगी ना हो ? आज भी यहा के लोग चौराहे,रास्तो पर ही शौच करते है। सप्ताहिक बाजार की भी दुदर्शा हो गई है। व्यपारियो से हर सप्ताह टैक्स वसूला जाता है। परन्तु उनको ग्रा.प.की और से सुविधा मुहैया नही की जाती। और ना ही कभी बाजार की साफ सफाई की जाती है। मजबूरन व्यपारियो को अपनी दुकानें गंधगी में ही सजानी पड़ती है। ऎसे 30 सालो से यहा की भोली भाली जनता ने जिस किसीको भी चुन कर दिया उसने कुरुम का विकास तो किया ही नहीं। परंतु अपना विकास जरूर करके कुरुम गांव को खोकला जरूर बना दिया । और ऎसे प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण आये दिन कुरुम परिसर दुदर्शा का शिकार होता जा रहा है। स्वच्छ ग्राम सुंदर ग्राम का नारा लगानेवाली कुरुम ग्राम पंचायत केवल कागजो पर सिमटकर रह गयी।
आपके जानकारी के लिए बता दे कि,सन 2007 व 2008 में कुरुम ग्राम पंचायत को शौचमुक्त,गंधगीमुक्त के कारण ग्राम निर्मल पुरस्कार तथा लाखो रुपयों का बक्षीश भी मिला था। यही एक कुरुम वासियो को कटु सत्य बाब है।


