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| जि.प.उर्दू स्कूल के समीप जमा नालियो का गंधा पानी। |
- नालियों का गंधा पानी रेंग रहा सड़को पर
- "कीचड़ एवं गंदगी से लबालब भरी नालियां
- ग्राम वासियो का स्वास्थ्य पड़ गया खतरे में
- कुरुम ग्राम पंचायत का नजर अंदाज
- "नागरिकों मे दिखाई दे रहा गुस्सा कब आएंगे ग्राम कुरुम के अच्छे दिन ग्राम वासियो का सवाल
शफ़ी खान
कुरुम :- अकोला जिले के सबसे आखरी सिमा पर बसा हुवा तथा मूर्तिज़ापुर तहसील अंतर्गत आनेवाला व करीब 15 हजार आबादी वाला ग्राम कुरुम इन दिनों अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहा है।आजादी के 70 साल उलटने ने के बावजूद यहा के लोगो को आज भी बुनियादी सुविधाओ के लिए तरसना पड़ रहा है। रास्तो की दुर्दशा , नालियों का हाल बेहाल , जगह जगह जमा कचरे के ढेर को देखकर लगता है की कुरुम परिसर में जैसे समस्याओ का अंबार लगा हुवा है। चहु और गंदगी का सामना करते करते यहा के लोग भी परेशान हाल हो गए है। लगता है कि मानो इस गांव में आज़ादी का सूरज अब तक उगा ही नही
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| नालियों का गंधा पानी सडको पर |
स्थानिय राजमार्ग से सटे कुरुम बस स्टॉप से लेकर उर्दू स्कूल तक मेंन रोड किनारे कचरे के ढेर , रास्ते के बीचो बिच बड़े बड़े गड्ढे ,नालियो के ऊपर से बहता गंधा पानी गांव की सुंदरता को धब्बा लगा रहा है। और यहां के स्वच्छ ग्राम, सुंदर ग्राम की संकल्पना को ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। कुरुम परिसर में जगह जगह जमा कचरे के ढेर और गंदगी , कीचड़ से पटी लबालब भरी नालियां के कारण सड़को पर रेंग रहा गंधा पानी। जिसके चलते ग्रामवासियो का स्वास्थ खतरे में पड़ गया है। और छोटे मोटे मोहल्लों की समस्या गंभीर हो गई है। बारिश का पानी भी लोगो के घर मे घुसता है। साथ मच्छरों का आतंग भी बढ़ गया है। और छिड़काव भी केवल ग्रा.प. कागजो पर ही नजर आता है।जिससे सर्दी,खासी,मलेरिया,डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां जन्म ले रही है। लेकिन यहां की ग्रा.प.प्रशासन तथा स्वास्थ्य प्राशासन कुम्भकरण की नींद में सो रही है। कब आएंगे कुरुम वासियो के अच्छे दिन ऎसे कई सवाल यहां के लोगो के जुबानी सुनने को मिल रहे है इतना ही नही गांव की एक भी सड़क ऎसी नही जहाँ से आसानी से गुजरा जाए। ऐसे गड्ढो के कारण सड़क पर वहांन चलाना भी दुष्वार हो गया है। कई जगह सड़के उखड़ जाने से अंदर की सलाखें भी नजर आने लगी है-जो राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। और इसी मार्ग पर बैंक,आंगनवाड़ी,साप्ताहिक बाजार, सरकारी अस्पताल,स्कूल, कॉलेज व छात्रावास पड़ता है
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| कीचड़ और गन्दगी से भरे नालियां |
इन सभी को यहा से गुजरने में बड़ी कठिनाईयो का सामना करना पड़ता है। रास्तो के गड्ढो में नालियो का पानी जमा होने के कारण ग्रीष्मकाल में भी बारिश का एहसास हो रहा है। कुच्छ ऐसा ही हाल सरकारी अस्पताल और सप्ताहिक बाजार का है।सालो-साल चारो ओर गंधगी का आलम रहता है। आस पास के देहातो से व्यापारी यहा आते है। ग्रा.प.द्वारा हर साल कर वसूल जाता है। परंतु आज तक सप्ता. बाजार में व्यपारियो के लिए आवश्यक सुविधायें नही है। यहा तक की साफ सफाई की ओर भी ध्यान नही दिया जाता। जि.प.उर्दू स्कूल तथा जनता हाई स्कूल के चारो ओर नालियां का गंधा पानी साल भर जमा रहने के कारण 24 घंटे बदबू चलती है जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में आ गया है।आखिर कब आयेंगे कुरुम वासियो के "अच्छे दिन" ऐसा सवाल मन में आता है। इस कारण गांववासियों का ग्रा.प.खिलाफ रोष व्याप्त नजर आता है जानकारी के लिए बात दे कि 15 हजार आबादी वाले कुरुम ग्रा.प.में 5 वार्डो का समावेश है। जिसमे हर पंच वार्षिक को 15 मेम्बर अपना प्रतिनिधत्व करते है। और यहा कि खास बात ये है कि, करीब 30 साल से कुरुम ग्रा.प. पर केवल कांग्रेस पार्टी का ही झेण्ड़ा लहरा रहा है। और मूर्तिज़ापुर पंचायत समिति के उप सभापति (कांग्रेस पार्टी) कुरुम के ही निवासी है। फिर भी यहा के हालात जस की तस बनी हुई है।और आज भी कुरुम ग्रामवासी बुनियादी सुविधाओं से कोसो दूर रह गये है। किसी ने भी गांव का विकास करने नही सोचा। सभी ने अपनी अपनी जेब गरम करना ही सोचा। प्रतिनिधियों के उदासीनता के कारण आये दिन कुरुम परिसर दुर्दशा का शिकार हो रहा है। स्वच्छ ग्राम सुंदर ग्राम का नारा देने वाली कुरुम ग्रा.प.प्रशासन खोकला साबित हो गई है। जब कि यही भोली भाली गरीब जनता 30 साल से अपना अमूल्य वोट कोंग्रेस पार्टी को देते आ रही है ।यही एक कुरुम वासियो को लिए कटु सत्य बाब है .
फोटो : A-।
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C-साप्ताहिक बाजार में गंधगी का आलम।
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E-जनता उर्दू हाई स्कूल के समीप जमा नालियो का गंधा पानी।


