झरी: रफ़ीक कनोजे
यवतमाल जिले के झरी तहसील मे गर्मीके दिनो ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या निर्माण हो सकती है। कई गांव के हैंडपंप इन दिनों खराब पड़े हुए हैं। इस कारण ग्रामीणों को कुओंका सहारा लेना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि गंदगी से लपटे होने के कारण कुओं का पानी भी दूषित हो गया। ग्रामीणों ने हैंडपंप के मरम्मत करने और कुओं की सफाई करने को गटविकास अधिकारियों से गुहार लगाई है। जीलाधीकारी द्वारा पर्यावरण का संतुलन और पानी की किल्लत ना हो ईसलीये मांगली के अलावा किसीभी रेती के घाटो की निलामी नही कि गई फिर भी धड्डले से हर घाट से रेत्ती की तस्करी होरही है ईस पर भी राजस्व विभाग द्वारा रोक लगाना जरुरी है जिसके चलते काफी हद तक पानी के किल्लत से राहत मिल सकती है।
ग्रामविकास अधीकारी विजय उईके के मार्गदर्शन में दाभाडी कस्बे के ग्रामवासीयोने स्वयं कुए की साफ सफाई का बीड़ा उठाया ग्रामवासीयो द्वारा कुए मे श्रमदान कर गाव मे पानी के टंकी तक पाईप लाईन बिछाई गई। श्रमदान कर खुद से कुएं की सफाई की है।
"कुओ की साफ-सफाई कराने की मांग'
झरी तहसील मे अनेक कूए जर्जर एवं गंदे हो जाने के चलते लोगों को परेशानी हो रही है। गर्मी में यह कूए लोगों को काफी राहत पहुंचा सकते है, परंतु गंदगी के कारण लोग इन कूओ का पानी का उपयोग बाहर के लीये और पीने में नहीं कर पा रहे हैं कई सालो से कई कुओ की कभी मरम्मत नहीं हुई। समय गुजरने के साथ कुंए मे मलबा और गंदापन बढता गया। समय गुजरने के साथ कुए गंदे होते गये। हर गाव के कुओ की सफाई की गई और कई गांव के हैंडपंप इन दिनों खराब पड़े हुए हैं। इस कारण ग्रामीणों को कुंओ का सहारा लेना पड़ रहा है। और जहा पानी कि किल्लत पड सकती है वहा पंचायत प्रशासन द्वारा बोअरवेल मारकर काफी हद तक पानी के किल्लत से राहत मिल सकती है। जिसके चलते ग्रामवासियों ने सरकार से गुहार लगाई है के झरी तहसील के हद में आने वाले कुहों कि साफसफाई कर अतराफ़ में सरकार द्वारे बोरवेल मारने की मांग की है।
