शफ़ी खान
- हाई होल्टेज तार टूटने से हो सकता था बड़े से बड़ा हादसा
- कुरुम रेल परिसर में कल हो सकती थी दर्दनाक घटना
- बाल-बाल बचे इस ट्रेन में सफर करनेवाले हजारो रेल यात्री
कुरुम:- मध्य रेल के भुसावल नागपुर लाइन पर आनेवाला कुरुम रेलवे स्टेशन पर बीते रविवार को दोहपर करीब 3.30 बजे "B" केबिन के पास स्पार्किंग होने से अचानक हाई होल्टेज बिजली का तार टूटकर रेल पटरी पर गिरने से मूर्तिज़ापुर की और से आ रही अहमदाबाद हावड़ा एक्सप्रेस को बड़ा हादसा हो सकता था। और इस भयानक हादसे में शेकडो रेल यात्रियो को मौत के घाट उतरना पड़ सकता था।
परंतु इस वक्त कुरुम रेल कर्मचारी एवं केबिनमन आंनद कुमार दास B केबिन में ड्यूटी पर तैनात थे। जैसे ही उन्हें कुछ अजीब सी आवाज सुनाई देते ही बाहर की और निकल कर देखा तो बिजली का मेन तार टूटकर रेल पटरी पर गिरा हुवा दिखाई दिया.
ये हादसा उस वक्त हुवा जिस वक्त डाउन मेंन लाइन से अहमदाबाद हावड़ा एक्सप्रेस कुछ नही समय मे कुरुम रेलवे स्टेशन से गुजरनेवाली थी। जब कि इस ट्रेन ने कुरुम से 5 की.मि. अंतर पर के आय.बी.एस. सिग्नल भी पास कर लिये थे। ये सब कुछ माजरा देखते ही कॅबिनमेंन आंनद कुमार दास ने बड़ी चतुराई के साथ ड्यूटी पर कार्यरत स. स्टेशन
मास्टर जगदीश कुमार यादव से फोन पर सम्पर्क करके सारी घटना बताई और बड़ी सातरकर्ता के साथ स. स्टेशन मास्टर जगदीश यादव ने बिना घबराये अहमदाबाद हावड़ा एक्सप्रेस को कुरुम रेलवे स्टेशन पर ही रोक कर घटनेवाली दर्दनाक घटना को ब्रेक लगा दिया। ये खबर रेल यात्रियों में हवा के जैसी फैलते ही कई रेल यात्रियों में भय का वातावरण निर्माण हो गया था। परंतु कुछ समय बाद सत्य हकीकत मालूम हुई तो कई रेल यात्रियोने इन दोनों कर्मचारियों का शुक्रिया अदा किया। और आगे यादव ने बडनेरा ओ.एच.ई. विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी बुलाकर केवल दो घंटे में बिजली तार को ठीक करके रुकी हुई गाड़िया आगे दौडाया।
बता दे कि 8 महीने में कुरुम रेलवे स्टेशन पर यह 4 थी घटना है। इससे पहले भी दि.7 जुलाई2017 को गीतांजलि एक्सप्रेस को पास करने इसी डाउन लूप लाइन पर मालगाड़ी खड़ी करने के वक्त बे पटरी हो गई थी। इस हादसे के चार दिन ही बाद 11जुलाई2017 को फिर बी.टी.गाड़ी को डाउन लूप पर लेते समय दूसरी बार पटरी से फिसली थी। तीसरी बार यही बी.टी.गाड़ी केवल एक ही दिन बाद याने की 12 जुलाई 2018 को फिरसे अप लूप लाइन से गिट्टी डिपो में ले जाते वक्त गार्ड का डिब्बा फिसल गया था। और अब ये 25 फरवरी 2018 का भयानक हादसा होते होते बचा। इस कारण रेलवे की लचर प्रणाली पर लोग कई सवाल उठा रहे है। इस और रेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी कुरुम रेलवे स्टेशन पर खास ध्यान देना आवश्यक है। जिससे भविष्य में कोई ऐसी दुर्घटना ना घटे।

