कुरुम,मंडूरा तथा माना में शेर की अफवा जोरों पर



  • वन विभाग  को अब तक कही नही लगा सुराग
  • फैलाई जा रही है केवल शेर की अफवाहे
  • डरे नही डटकर करे काम, अफवाहो पर न रखे विश्वास

शफ़ी खान
कुरुम :- मूर्तिज़ापुर तालुका अंतर्गत आनेवाले कुरुम,मंडूरा तथा माना परिसर में इन दिनों शेर नजर आने की अफवाहे जोर पकड़ रही है। जिसके चलते इस परिसर के किसान, मजदूर से लेकर हर कोई शेर के कारण भयभीत है। किसान तथा मजदूर खेत मे जाने के लिए डर रहे है। किसी व्यक्ति को जंगली जानवर भी दिखाई दिया तो वह उसे शेर ही समझकर गांव गांव में अफवा फैला देता है। जिसके कारण किसान,मजदूर भय के मारे अपना काम धंदा छोड़कर घर भागे दौड़े चले आते है। और खेत जाना बंद कर देते है। फिलहाल किसानों का कपास बुनाई और चना,गेंहू फसल को सिंचाई काम चल रहा है। पहले ही किसान मज़दूर के अभाव में परेशान है।और जिसमे तीन साल से लगातार नापिकी झेल रहा है।


                     ऐसे में आये दिन कोई ना कोई जुठी खबर फैला ही देता है। जिससे नागरिक तो परेशान होते ही है परंतु सबसे ज्यादा वन विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी परेशान हो रहे है।कभी माना तो कभी कुरुम,मंडूरा,मलकापुर जैसे जंगलों में शेर को पकड़ने भागम भाग करना पड़ रहा है। ऎसे ही घटना दस दिन पहले 16 नवम्बर को रेल चालक ने कुरुम 645 में शेर जैसा प्राणी पटरी पार करते हुवे देखा और ये खबर कुरुम स्टेशन मास्टर मीना को दे डाली। जिसमे तहसीलदार राहुल तायड़े से लेकर माना पोलिस एवं वन विभाग के कर्मचारी हरकत में आकर तलाश शुरू की फिर भी शेर का कही पता नही चला। उसके दों दिन बाद 18 नवम्बर को माना, मलकापुर व रंभापुर के जंगल मे कुछ लोगो ने शेर को देखा जिसकी खबर नायब तहसीलदार वैभव फरताले को दी गई। जिसके चलते उस जंगल में भी वन विभाग के कर्मचारियों ने शेर की तलाश की  पर वहा भी शेर नही मिला और नही शेर के पैरों के निशान मिले।और कल दिनांक 25 नवम्बर के सुबाह माना मंडूरा के बीच गेट क्र 52 के रेल गेटमैन बंडू तायड़े और चाबीमैन को माना के किसान जळकर के खेत मे शेर नजर आया।खबर बुरी तरह फैलते ही   मूर्तिज़ापुर से वन विभाग के अधिकारी इंगले, माना के वनरक्षक लोखंडे और कुरुम के वनरक्षक हरने दौड़ भागकर आये और मंडूरा के आस पास का जंगल पूरा छान मारा। पर कही शेर जैसा प्राणी नही नजर आया और नही शेर के पंजो के निशान मिले। केवल उस खेत मे तळस प्राणी के पंजों के निशान मिले। ऐसा मूर्तिज़ापुर के वन विभाग अधिकारी इंगले ने मोबाइल पर कुरुम के संवाददाता शफ़ी खान जानकारी बताई।और ये खबर भी अफवा ही साबित हुई।इस कारण किसान और मजदूर को भय जैसी कोई बात नही तथा ऐसे अफवा पर ध्यान न दे और अपना काम धंदा शुरू रखे

शेर के पंजे जैसे कोई निशान नही मिले। खेत मे जो पैरों के निशान पाए गए वह तळस प्राणी के लगते है। यदि इस जंगल मे शेर होता तो अब तक किसी ना किसी प्राणी को नुकसान पहुचाया होता। ऎसी घटना भी कोई सामने नही आई। गेटमन और लोगोने जो देखा वह लाल कलर का प्राणी था। वह तळस या जंगली बिल्ला भी हो सकता
     आर.इंगले वन अधिकारी मूर्तिज़ापुर     
                          

SHARE THIS

Author:

Previous Post
Next Post