मक़सूद अली
यवतमाल :- जमीयत उलेमा हिंद की ओर से मुस्लिम समाज को आरक्षण देने की मांग का एक ज्ञापन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिलाधिकारी द्वारा 10 अगस्त को भेजा गया. ज्ञापन में कहा गया कि मुस्लिम समाज ने आरक्षण के लिए पहले भी कई बार ज्ञापन सौपे, शांती से आंदोलन किया, चचाई हुई, हर बार केवल आश्वासनही दिया गया. संविधानकी जोपासना कर स्वतंत्रता, समता, बंधूता और सामाजिक न्याय प्रस्थापित करनेके लिए जमीयत प्रयासरत रही है. स्वतंत्रता के लिए भी मुस्लीम समाज का योगदान रहा है. स्वतंत्रता के बाद मुस्लीम समाज सामाजिक, शिक्षा, आर्थीक क्षेत्र में पिछडा है.
न्या.सच्चर, मिश्रा कमिशन, मेहमुर्दरहेमान अभ्यास गुटने भी मुस्लीम समाज को आरक्षण जरूरी होने की बात कही. सरकार ने मुस्लीम समाज को 5 प्रतिशत आरक्षण का अध्यादेश निकाला था, लेकिन यह अध्यादेश कानुन के घेरे में अटक गया. सरकार ने इस बारे में ठोस कारवाई न करने से यह आरक्षण रद्द किया गया. सरकार अल्पसंख्याक का हक्क ठुकरा रही है ऐसी भावना अल्पसंख्याक समाज में हो रही है.
शिक्षा से वंचित मुस्लीम समाज को उनके न्याय और हक्क तुरंत मिले, उनके 5 प्र.श. आरक्षण देने संबधी कारवाई करे अन्यथा महाराष्ट्र राज्य में जमीयत उलेमा हिंद कडा आंदोलन करेगी ऐसी चेतावनी इस ज्ञापन द्वारा दी गई. इस समय जमियत के यवतमाल जिलाध्यक्ष मुफ्ती मुहम्मद एजाज, मौलवी शारीक साहब, वसीम खान, अॅड.इम्रान देशमुख, अली इम्रान, हाफीज नसीम तथा सभी पदाधिकारी उपस्थित थे.

