सोयाबीन तथा कपास फसल पर इल्लियों का प्रकोप



  • कुरुम परिसर के किसानों पर मंडरा रहे संकट के बादल
  • किसानों के परिजनों पर भुखमरी की नौंबत



  •  शफ़ी खान

कुरुम :- मूर्तिज़ापुर तालुका अंतर्गत आनेवाले कुरुम परिसर में किसानो के सोयाबीन एवं कपास फसल पर इल्लियों का प्रकोप बढ़ने से मुख्य दोनों फसल खराब होने के चक्कर मे आ गई है। इस कारण कुरुम परिसर के सभी किसानों पर नापिकी जैसा संकट मंडरा रहा है। उनके परिजनों पर भुखमरी की नौंबत आते दिखाई दे रही है।
           लगातार तीन सालों से चलती आ रही नापिकी के कारण पहले ही कुरुम परिसर का किसान परेशान हाल हो चुका है।  तीन साल से साहूकार एवं बैंकों का खेती के लिए लिया हुवा  कर्जा अब तक फीटा भी नही, और अब सोयाबीन फसल पर इल्लियो का प्रकोप तथा कपास पर गुलाबी इल्लियों का आतंग नजर आ रहा है। जिस कारण फसल खराब हो रही है। और फसलों को बचाने के चक्कर मे यहा का किसान महँगी महँगी दवाइया लेकर कृषि केन्द्रवालो को मोटा कर रहा है। और खुद  कर्जे में डूबा जा रहा है।
              इस बार तो बारिश की शुरुवात समय पर हुई । परंतु पहली ही धुंवाधार बारिश ने यहा के किसानों की खेती चौपट कर  दी । और कई बेचारे गरीब किसानों को ब्याज बट्टा से पैसे लाकर दुबारा बुवाई करनी पड़ी। जिस कारण और भी कुरुम परिसर का किसान संकट में आकर फ़स गया है।और अब ऊपर से सोयाबीन एवं कपास की फसल भी धोखे में मिल गई है। जिसके चलते यहां के किसान परिजनों के सर पर भुखमरी जैसा गंभीर संकट मंडरा रहा है। और नाही सरकार ने अब तक किसानों का कर्जा माफ किया है और नाहीअब तक पिछले साल नापिकी के पैसे दिए है। यहा तक कि पिछली बार भरा हुवा बीमा लौटाया गया। यही एक वजह है कि कुरुम परिसर का किसान धर्म संकट में फस गया है। उनके परिजनों पर भुकमरी जैसी नोंबत आन पड़ी है .

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