रफीक कनोजे झरी : आज का युग स्पर्धा का युग है झरी आदिवासी बहुल तहसील की मांडवी निवासी कु मयुरी भाग्यवान नले ईस युवती ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) कर सहाय्यक परीक्षा मे एस सी कॅटेगीरी मे लडकीयो मे से इसने राज्य में अव्वल आने का स्थान प्राप्त किया है। हाल ही मे तहसील प्रशासन की और से 1 मई 2018 को सम्मानित किया गया।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ओर से ली गई परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया है। इसमें यवतमाल जिले की आदिवासी बहुल तहसील झरी तहसील की मांडवी निवासी जिसकी आबादी 1301 है। मयुरी नले ने राज्य में अव्वल आने का गौरव प्राप्त किया है। हाल हि मे एमपीएससी का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। राज्य में अव्वल आने वाली मयुरी ने बी ए की पढ़ाई पूरी की हुई है। इसके पुर्व दसवी मे 84 प्रतीशत, बारहवी मे 78 प्रतीशत लेने के बाद डीएड किया। उसके बाद पदवी की पढ़ाई तक स्पर्धा परीक्षा की जानकारी नहीं थी उसके चाचा जाद भाई विशाल चंदनकर ने स्पर्धा परीक्षा के बारे में शुरुआत में जानकारी दि।
मयुरी की पीता का देहांत 2011 मे हुवा तब मयुरी दसवी क्लास मे थी। मयूरी की मां माया नले सिर्फ मशीन सिलाई का काम करती है। बाकी कोई भी आय का स्त्रोत नही आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यवतमाल में स्पर्धा परीक्षा का अभ्यासक्रम करना उसके लिए बहुत कठिन था। फिर भी इन परिस्थितियों पर जीत करके कमाओ और सिखो इस उपक्रम की उसको मदद मिली। उसे यवतमाल की दारव्हा मार्ग पर स्थीत द्न्यान ज्योती वाचनालय मे लायब्ररीयन का काम मीला। उसने उसे अछी तरह संभाला रोजगार मिलनेसे उसके सपनों को प्रेरणा मिलती गई। उसी वाचनालय मे काम को अंजाम देते हुये अभ्यास करती गई। हार्ड वर्क एंड स्मार्ट स्टडी को उसने अपनाया। और झरी की मयुरी पहेली बार ही एमपीएससी मे अव्वल उतरी! गौरतलब है कि लड़कियों में महाराष्ट्र मे अव्वल आनेसे झरी तहसील के अन्य विद्यार्थीयों को प्रेरणा मिले और उन्हें भी सफलता प्राप्त करनी चाहिए इस उद्देश्य से हाल ही मे तहसील प्रशासन की और से 1 मई 2018 को सम्मानित किया गया। जिसमे पुर्व सेवानिवृत्ती तहसीलदार गणेश राऊत, प्रभारी तहसीलदार रामचंद्र खीरेकार, नायब तहसीलदार विजय मत्ते, बीडीओ सुभाष चव्हाण, पाटण के थानेदार शिवाजी लश्करे, पंचायत समिती सदस्य नागोराव उरवते, कृषी अधिकारी गड्डमवार द्वारा उसे सन्मान चीन्ह और प्रमाणपत्र देकर सन्मानित किया गया .

