रफीक कनोजे
झरी : झरी तहसील के अधिकारीयो के लापरवाही के चलते अनेक गांव के ग्रामपंचायत में हेराफेरी के मामलो मे बढोत्तरी हो रही है लेकिन अधिकारी हात पर हात धरे बैठे है। जिसके चलते सरकार को लाखोका चुना लगाया जा रहा है? ऐसा ही मामला तीन माह पुर्व झरी पंचायत समिती, तहसील कार्यालय और पाटण पुलीस द्वारा हुआ।
सरपंच पर अविश्वास आनेसे 16 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2017 तक प्रवीण शिवारेड्डी नोमुलवार सरपंच पद पर आसीन हुये थे। उस वक्त ग्राम विकास अधिकारी एस आर सातुरवार के तरफ पदभार था। दस दिन के सरपंच नोमुलवार , ग्राम विकास अधिकारी सातुरवार और अविनाश जयस्वाल ने जाली दस्तावेजों को संकलित करके, 50 लाख की व्यायाम शाला को सामान्य पावती द्वारा पाच लाख बारह हजार रुपये भरकर सरकार की जगह और ईमारत हस्तांतरित की है। इन तीनोपर कानूनी कार्यवाही के तहत कार्रवाई की जाये और ग्राम पंचायत को हनुमान व्यायाम शाला वापीस दि जाए। ऐसी मांग सरपंच रमेश हललवार द्वारा तीनो जगह पर दी गई शिकायत मे की गई है। लेकीन तीन महीने के बाद भी ईस मामले को उजागर नही किया गया।
पाटण पुलीस थाना मे 8 फरवरी को निवेदन दिया गया लेकीन पुलीस द्वारा भी इस मामले मे कोई दखल अंदाजी नही ली गई और इस मामले मे साधी एनसी भी दाखील नही की गई।ईस मामले को ए फाईल या बी फाईल नही किया गया। झरी तहसील कार्यालय मे शीकायत को 470/2018 नंबर पर दर्ज की गई। इसी तरह झरी पंचायत समीती मे ईस शिकायत को 627/2018 नंबर पर दर्ज की गई लेकीन किसी पर भी कोई कार्रवाई नही की गई। मानो ऐसा प्रतीत होरहा के निवेदनो को कचरे की कुंडी दिखाई गई?
पाटण के सरपंच रमेश हल्लालवार द्वारा दस दिन के सरपंच और ग्रामविकास अधीकारी पर इतना बडा आरोप लगाने के बाद भी थानेदार, तहसीलदार और गुटविकास अधीकारी कि खामोशीया समझसे कोसो दुर है। पंचायत समीती द्वारा इस शिकायत की सचाई का पर्दाफाश किया जाये और वास्तविकता जनता के आगे लाई जाये ऐसी मांग सामाजिक संघटनाओ द्वारा की जा रही है।
वर्जन : जल्द कार्रवाई जी जायेंगी
इस मामले की चौकशी विस्तार अधीकारी इसलकर के तरफ है। अभी वो छुटी पर है उनके आतेही इस मामले की चौकशी 15 दिन मे की जायेंगी। सुभाष चव्हाण, गुट विकास अधीकारी पंचायत समीती झरी।
