इश्क़ क़ुदरत का है ईनाम चलो इश्क़ करें
इस इबादत को करें आम चलो इश्क़ करे
सब को कुदरत से मिलाने की है ताक़त इसमें
सूफ़ी संतों का है पैग़ाम चलो इश्क़ करे
सूफ़ी संतों का है पैग़ाम चलो इश्क़ करे
जितने बिछड़े हुए साथी हैं मिलाएँ सब को
आत्मा पायेगी आराम चलो इश्क़ करें
आत्मा पायेगी आराम चलो इश्क़ करें
नफ़रतें छोड के आपस में गले मिल जाएं
भूल कर सारे ही इल्ज़ाम चालो इश्क़ करें
भूल कर सारे ही इल्ज़ाम चालो इश्क़ करें
अपने कांधों पे नहीं सर तो सर-ए-दार सही
चाहे अब कुछ भी हो अन्जाम चलो इश्क़ करें
चाहे अब कुछ भी हो अन्जाम चलो इश्क़ करें
बेखता जीना भी, जीने में, कोई जीना है
कोई तोहमत कोई इल्ज़ाम चलो इश्क़ करें
ज़ोर दहशत का बढ़ा जाता है दुनिया में ' वसीम '
इस मिशन को करें नाकाम चलो इश्क़ करें
इस मिशन को करें नाकाम चलो इश्क़ करें
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| वसीम मलिक , सूरत 91 9925191122 |
