मंत्रालय की सीढियो पर बैठ कर मुस्लिम आमदारों ने औरंगाबाद दंगे की सीआयडी/सीबीआय जांच और मृतको के परिवारजनो को ₹50 लाख मुआवजे की मांग




  • प्रदर्शन में एआयएमआयएम आमदार इम्तियाज जलील,  अड. वारीस पठाण, सपा मुंबई/महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आझमी, माजी राज्यमंत्री अब्दुल सत्तार,
  • अमीन पटेल, असलम शेख (काँग्रेस) शामिल हुये 
जाहिरात


मुंबई: औरंगाबाद शहर में गत सप्ताह में हुये सांप्रदायिक फसाद में शामिल पुलीस कर्मी और राजनीतिक लोगों के खिलाफ गुनाह दाखल करके कारवाई की जाय, फसाद की स्टेट सीआयडी या सीबीआय के जरीये जांच की जाय, फसाद में मौत के घाट उतारे गये लोगों के परिवार को ₹50 लाख मुआवजा दिया जाय, फसाद में घायल हुये लोगों को ₹1 लाख की मदद, और जिनका घर और दुकान का नुकसान हुआ हैं,


 उनका कानूनी पुनर्वसन और नुकसान भरपाई दी जाय।  आदी मांगों को लेकर आज मंत्रालय की सीढियो पर बैठ कर मुस्लिम आमदारों ने जोरदार प्रदर्शन किया।  हालांकी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस साहब ने दोपहर 12:30 बजे मिलने का समय दिया था लेकिन अचानक पालघर में चुनाव प्रचार के लिये जाना पडा। और बाद में सभी आमदारो को रात तकरीबन 10 बजे का वर्षा बंगले पर मुलाकात का समय दिया गया।
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मुख्यमंत्री के नाम ग्यापन में लिखा हैं की ; 11 मई 2018 को औरंगाबाद में हुये फसाद की पुरी जिम्मेदारी पुलीस की हैं।  पुलीस ने दंगा कराने में माहीर लोगों की मदद की, दंगा भडकाने में पुलीस का हाथ

उसके सबुत और वजह ग्यापन में विस्तार से लिखी गयी हैं।  कुछ पुलीस अधिकारी और कर्मचारियो ने कानून के प्रति अपना कर्तव्य निभाया और दंगा को नियंत्रित करने में मदद किया, उनकी सराहना की हैं।

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