बचपन में हुए शोषण का किशारोवस्था में सामाजिक रिश्तों पर पड़ सकता है असर


वाशिंगटन, 17 जनवरी  जिन बच्चों को जिंदगी की शुरुआत में ही शोषण का सामना करना पड़ता है और जिनकी अनदेखी की जाती है उन्हें किशोरावस्था में सामाजिक रिश्तों और अकादमिक क्षेत्र में दिक्कतों का सामना करने की अधिक आशंका होती है शोधकर्ताओं ने पाया कि पांच साल से कम की आयु में बच्चों से ठीक तरह से व्यवहार न होने का उन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है जिसका असर बाद में करीब तीन दशकों तक भी देखा जा सकता है अमेरिका में यूटा विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर ली राबी ने कहा, ‘‘यह कोई विवादित बयान नहीं है कि शोषण और दुर्व्यवहार के हानिकारक नतीजे हो सकते हैं। यह अध्ययन दिखाता है कि इनके दुष्प्रभाव लंबे समय तक चलते हैं और समय के साथ ये कम नहीं होते। ये बचपन से लेकर किशोरावस्था और युवावस्था तक रहते हैं इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 1970 के मध्य में जन्मे लोगों को शामिल किया। इसमें 32 और 34 वर्ष की आयु के बीच के 267 लोगों पर अध्ययन किया गया। इसमें 0-5 वर्ष और 6-17.5 वर्ष की आयु की अवधि के दौरान लोगों के शारीरिक शोषण, यौन शोषण और अनदेखी के अनुभव जुटाए गए .

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