कुरम ( प्रतिनिधी ) शफ़ी खान दि 14 मूर्तिज़ापुर तहसील के उप विभागीय पुलिस अधिकारी तथा माना पुलिस स्टेशन अंतर्गत आने वाली कुरुम पुलिस चौकी इन दिनों राम भरोसे नजर आ रही है। बंद पुलिस चौकी के कारण यहां आए दिन अवैध धंदे जोरो पर चलते नजर आ रहे है। और साथ अपराध भी बढ़ते दिखाई दे रहे है
कुरुम पहले ही अतिसवेदनशील गांव होने से यहां पुलिस का होना जरूरी है। 15 हजार आबादीवाले ग्राम कुरुम पोलोस चौकी में 12 ग्रामो का समावेश होने से यहाँ एक पोलिस स्टेशन होना जरूरी है। इसके लिए तीन साल पूर्व यहा के कुछ जिम्मेदार लोगों ने ऐसे अपराध देखते हुए यहाँ पोलिस स्टेशन की मांग अकोला के पोलिस अधीक्षक से निवेदन द्वारा की थी लेकिन पोलिस स्टेशन तो नही दिया गया उसके बदले में यहा के पोलिस चौकी में एक पी.एस.आय. दो महिला पो.को. तथा एक बिट जामदार और चार पुरुष पो.को. की नियुक्त किये गए थे। जिसमें पहला पि. एस. आई. राठौड़ को यहाँ दिया गया था। लेकिन दो चार माह डयूटी करने के बाद तबियत खराब चलने से यहा से तबादला कर लिया था उसके एक साल बाद यहाँ पि. एस. आई. जोशी को दिया गया था। दो साल दड्यूटी करने के पश्चात उन्हें भी एस. पी.कलासागर ने किसी कारण यहा से तबादला करके अकोला कंट्रोल रूम भेज दिया।और आज यहाँ केवल चार पुलिस कर्मचारी तैनात है। जिसमे रात में दो पोलिस कर्मचारी और दिन में एक बिट जामदार और दो पो.कॉ. डयूटी पर नजर आते है । उसमे भी कभी कभार किसी कर्मचारी की वक्त पर तबियत खराब होना या फिर किसी कर्मचारी का साप्ताहिक छुट्टी होने से अक्सर कईे बार यहा कि पोलिस चौकी बंद रहती है। जिससे बाहर से आने वाले फिर्यादियो को काफी परेशनियों का सामना करना पड़ता है। अपनी शिकायत लेकर यहाँ से 10 की मि अंतर काटकर माना पो.स्टे.जाना पड़ता है। खास करके महिलाओ को परेशानी का सबब बनजाता है। इस कारण यहाँ पोलिस की संख्या ज्यादा और एक पि. एस. आई. ड्यूटी पर तैनात होना आवश्यक है। ताकी पुलिस चौकी 24 घंटे खुली रहे। ऐसी यहा के जनता की मांग है। और एस. पी.साहब ऐसे गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे क्या ऐसा सवाल कर रहे है
कुरुम पहले ही अतिसवेदनशील गांव होने से यहां पुलिस का होना जरूरी है। 15 हजार आबादीवाले ग्राम कुरुम पोलोस चौकी में 12 ग्रामो का समावेश होने से यहाँ एक पोलिस स्टेशन होना जरूरी है। इसके लिए तीन साल पूर्व यहा के कुछ जिम्मेदार लोगों ने ऐसे अपराध देखते हुए यहाँ पोलिस स्टेशन की मांग अकोला के पोलिस अधीक्षक से निवेदन द्वारा की थी लेकिन पोलिस स्टेशन तो नही दिया गया उसके बदले में यहा के पोलिस चौकी में एक पी.एस.आय. दो महिला पो.को. तथा एक बिट जामदार और चार पुरुष पो.को. की नियुक्त किये गए थे। जिसमें पहला पि. एस. आई. राठौड़ को यहाँ दिया गया था। लेकिन दो चार माह डयूटी करने के बाद तबियत खराब चलने से यहा से तबादला कर लिया था उसके एक साल बाद यहाँ पि. एस. आई. जोशी को दिया गया था। दो साल दड्यूटी करने के पश्चात उन्हें भी एस. पी.कलासागर ने किसी कारण यहा से तबादला करके अकोला कंट्रोल रूम भेज दिया।और आज यहाँ केवल चार पुलिस कर्मचारी तैनात है। जिसमे रात में दो पोलिस कर्मचारी और दिन में एक बिट जामदार और दो पो.कॉ. डयूटी पर नजर आते है । उसमे भी कभी कभार किसी कर्मचारी की वक्त पर तबियत खराब होना या फिर किसी कर्मचारी का साप्ताहिक छुट्टी होने से अक्सर कईे बार यहा कि पोलिस चौकी बंद रहती है। जिससे बाहर से आने वाले फिर्यादियो को काफी परेशनियों का सामना करना पड़ता है। अपनी शिकायत लेकर यहाँ से 10 की मि अंतर काटकर माना पो.स्टे.जाना पड़ता है। खास करके महिलाओ को परेशानी का सबब बनजाता है। इस कारण यहाँ पोलिस की संख्या ज्यादा और एक पि. एस. आई. ड्यूटी पर तैनात होना आवश्यक है। ताकी पुलिस चौकी 24 घंटे खुली रहे। ऐसी यहा के जनता की मांग है। और एस. पी.साहब ऐसे गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे क्या ऐसा सवाल कर रहे है
